शिक्षा

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कृष्ण की ओर
न्यूनतम माला जप: 1
पठन:
- पंच तत्व मंत्र
- प्रभुपाद प्रणाम मंत्र
- शिक्षाष्टकम
- दस नाम अपराध
- भोग अर्पण के मंत्र
- प्रसादम पाते समय प्रार्थना
श्रवण:
Recommended- A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada’s Bhagwad Gita classes
(Bhagwad Gita Chapter 1 – click here)
नियम :
- जितनी बार संभव हो मंदिर जाएँ
- कृष्ण को प्रणाम करें
- तुलसी के पौधे को जल दें
- कृष्ण को तुलसी/फूल अर्पित करें
शिक्षा पेपर लेखन:
सेमिनार में भाग:
नहीं
साक्षात्कार/इंटरव्यू:
नहीं
इस्कॉन द्वारका में सेवा:
अनुशंसित
संरक्षक/मार्गदर्शक:
अनुशंसित
भक्ति वृक्ष/आश्रय में भाग लेना:
अनुशंसित
न्यूनतम माला जप: 4
पठन:
- जन्म और मृत्यु से परे
- आत्मबोध का विज्ञान (अध्याय 1)
- भगवद गीता यथारूप (परिचय और अध्याय 1)
- शिक्षाष्टकम्
नियम :
पिछले नियम + मांसाहारी भोजन (मांस, मछली और अंडे) खाने से बचें और नैतिक जीवन जीने का प्रयास करें
शिक्षा पेपर लेखन:
सेमिनार में भाग:
नहीं
साक्षात्कार/इंटरव्यू:
नहीं
इस्कॉन द्वारका में सेवा:
अनुशंसित
संरक्षक/मार्गदर्शक:
अनुशंसित
भक्ति वृक्ष/आश्रय में भाग लेना:
अनुशंसित
न्यूनतम जप माला: 8
पठन:
- राज विद्या
- कृष्णभावनामृत एक अनुपम उपहार
- आत्म-साक्षात्कार का विज्ञान (अध्याय 2 और 3)
- भगवद गीता यथारूप (अध्याय 2-6)
- अनुशंसित – कृष्ण पुस्तक
नियम:
पिछले नियम + नशा (मादक पेय), जुआ, अवैध संबंधों से बचें और केवल प्रसाद खायें। जहां तक संभव हो घर पर भगवान कृष्ण की पूजा करें, पूजा घर स्थापित करके, आरती और भोजन (जल, दूध और फल) चढ़ाएं, पवित्र तुलसी के पौधे की पूजा करें और सुबह जल्दी उठने जैसी मूलभूत साधना का पालन करें। एकादशियों और त्योहारों के दिन व्रत रखें। हर सप्ताह साधना कार्ड भेजे।
सेमिनार में भाग:
नहीं
साक्षात्कार/इंटरव्यू:
नहीं
इस्कॉन द्वारका में सेवा:
मंदिर में कम से कम एक साप्ताहिक सेवा अवश्य होनी चाहिए
संरक्षक/मार्गदर्शक:
अनिवार्य
भक्ति वृक्ष/आश्रय में भाग लेना:
साप्ताहिक उपस्थिति अवश्य रखें
न्यूनतम जप माला: 16
पठन:
- आत्म-साक्षात्कार का विज्ञान (अध्याय 4 एवं 5)
- भगवद गीता यथारूप (अध्याय 7-12)
- अनुशंसित – कृष्ण पुस्तक
नियम:
पिछले नियम + एकादशी और त्योहार के दिनों में उपवास करें और भगवान के प्रकट होने के दिनों में उपवास रखें
सेमिनार में भाग:
मूलभूत वैष्णव शिष्टाचार
साक्षात्कार/इंटरव्यू:
हाँ
इस्कॉन द्वारका में सेवा:
मंदिर में कम से कम एक साप्ताहिक सेवा अवश्य होनी चाहिए
संरक्षक/मार्गदर्शक:
अनिवार्य
भक्ति वृक्ष/आश्रय में भाग लेना:
साप्ताहिक उपस्थिति अवश्य रखें
SRILA PRABHUPADA ASHRAYA
श्रील प्रभुपाद आश्रय
Reading
- Science of Self Realization (Chapter 4&5)
- Bhagavad Gita As It Is (Chapter 7-12)
- Recommended Krishna Book
Hearing
Must- A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada’s Bhagwad Gita As It Is classes
Rules and Regulations
Previous + Fast on the Ekadashi and festival days and observe fasting for the appearance days of the Lord
Attend Seminar
Basic Vaishnava Etiquette
Interview
Yes
Service at ISKCON Dwarka
Must have minimum one weekly service at temple
Mentor/Guide/Coordinator
Must have
Attending Bhakti Vriksha/Ashray
Must attend weekly
जप की न्यूनतम संख्या: 6 महीने के लिए 16 माला
पठन:
- आत्म-साक्षात्कार का विज्ञान (अध्याय 6-8)
- भगवत गीता यथारूप (अध्याय 13-18)
- श्रील प्रभुपाद पुस्तक
- अनुशंसित – कृष्ण पुस्तक
श्रवण:
अनिवार्य – श्रील प्रभुपाद भगवद गीता कक्षाएं (अध्याय 13-18)
सप्ताह में दो बार गुरु की कक्षा, जिनसे दीक्षा की आकांक्षा हो
नियम :
पिछले नियम + सुबह जल्दी (सुबह 5 बजे तक) उठकर घर पर एक सख्त साधना कार्यक्रम का पालन करें और जहां तक संभव हो मंदिर के समान कार्यक्रम का पालन करें। हर सप्ताह मंदिर में एक भागवतम कक्षा में भाग लें।
सेमिनार में भाग:
मूलभूत वैष्णव शिष्टाचार
साक्षात्कार/इंटरव्यू:
हाँ
इस्कॉन द्वारका में सेवा:
मंदिर में कम से कम एक साप्ताहिक सेवा अवश्य होनी चाहिए
संरक्षक/मार्गदर्शक:
अनिवार्य
भक्ति वृक्ष/आश्रय में भाग लेना:
भक्ति वृक्ष/आश्रय का नेतृत्व करना अनुशंसित
दीक्षा के लिए सिफ़ारिश
जप की न्यूनतम संख्या: 2 वर्षों के लिए 16 माला
पठन:
- श्रीमद्भागवतम् स्कन्ध 1
- भगवान चैतन्य की शिक्षाएँ
- श्री उपदेशामृत
- ईशोपनिषद्
- अनुशंसित – कृष्ण पुस्तक
श्रवण:
प्रभुपाद की भागवतम कक्षाएं (स्कन्ध 1) और सप्ताह में दो बार गुरु की कक्षा जिनसे दीक्षा की आकांक्षा है।
नियम :
पिछले नियम + प्रचार में सहायता/नेतृत्व करने की प्रतिबद्धता
शिक्षा पेपर लेखन:
बंद किताब, मंदिर में
सेमिनार में भाग:
इस्कॉन शिष्य पाठ्यक्रम (IDC)
साक्षात्कार/इंटरव्यू:
हाँ
इस्कॉन द्वारका में सेवा:
मंदिर में कम से कम एक साप्ताहिक सेवा अवश्य होनी चाहिए
संरक्षक/मार्गदर्शक:
दीक्षा से पहले गुरु के सानिध्य या मार्गदर्शन के लिए अपने गुरु के वरिष्ठ शिष्य की पहचान कर लेनी चाहिए।
भक्ति वृक्ष/आश्रय में भाग लेना:
भक्ति वृक्ष/आश्रय का नेतृत्व करना अनुशंसित
जब दीक्षा के लिए रिकमेन्डेशन पत्र इस्कॉन द्वारका से जारी किया जाता है तो इसका मतलब है कि इस्कॉन द्वारका आवेदक की साधना और नैतिक जीवन जीने की स्थिरता के लिए प्रतिज्ञा करता है। निष्पक्ष मूल्यांकन पाने के लिए, भक्त को कम से कम 6 महीने के लिए इस्कॉन द्वारका से जुड़ा होना चाहिए।

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